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नीता अंबानी ने कहा – भारत के गरीब से गरीब तक पहुंचाउंगी कोरोना की वैक्सीन, कोई चिंता न करे Nita ambani

Businessman Anil Ambani on Tuesday claimed he had not given any personal guarantee for a borrowing made by Reliance Communications (RCom) from three Chinese banks against the backdrop of a UK court directing him to pay USD 717 million to the three lenders.

चीन के वुहान शहर से फैला कोरोना वायरस का कहर बढ़ता ही जा रहा है, रोजाना कोरोना के मामलों में वृद्धि हो रही है, इस अदृश्य वायरस से पूरी दुनिया जंग लड़ रही है। भारत समेत दुनिया के अलग-अलग देश कोरोना की वैक्सीन बनानें में लगे हुए हैं परन्तु अभी किसी को पूर्ण रूप से सफलता नहीं प्राप्त हुई है हालाँकि अमेरिका, ब्रिटेन और रूस ने वैक्सीन बनानें का दावा किया है, ह्यूमन ट्रायल भी किया किया जा चुका है। लेकिन जबतक वैक्सीन पूर्ण रूप से तैयार होकर मार्केट न आ जाय तब तक पूर्ण विश्वास नहीं किया जा सकता है, क्योंकि इससे पहले इजराइल और नीदरलैंड ने भी वैक्सीन बनानें का दावा किया था लेकिन सब हवाहवाई साबित हुए।


नीता अंबानी ने कहा – भारत के गरीब से गरीब तक पहुंचाउंगी कोरोना की वैक्सीन, कोई चिंता न करे

बात की जाय भारत की तो यहाँ 130 करोड़ से ज्यादा आबादी है और बड़ी आबादी गरीब है, अटकलें लगाई जा रही कि अगर वैक्सीन लॉन्च भी होगी तो कोई न कोई प्राइवेट कंपनी ही लांच करेगी, और वैक्सीन की कीमत क्या होगी ये कोई नहीं जानता, कीमत अपने मनमाफिक कम्पनी ही तय करेगी।

देश में कोरोना का जड़ से खात्मा तभी होगा जब गरीबों तक वैक्सीन पहुंचेगी, और इसका जिम्मा रिलायंस फाउंडेशन की नीता अंबानी ने अपने कन्धों पर लिया है, देश के कोने-कोने तक वैक्सीन पहुंचानें का। 


15 जुलाई को रिलायंस कंपनी की एनुअल जनरल मीटिंग थी और इस मीटिंग में नीता अंबानी पहली बार बोली, ये मीटिंग हर साल होती है और लेकिन रिलायंस के इतिहास में नीता अम्बानी ने पहली बार इस मीटिंग को सम्बोधित किया और बड़ा ऐलान कर दिया।

रिलायंस फाउंडेशन की चेयरपर्सन नीता अम्बानी ने कहा कि हम आप लोगों को विश्वास दिलाना चाहते हैं कि जब यह वैक्सीन आएगी, तब देश के हर शख्स तक इसे पहुंचाने के लिए रिलायंस फाउंडेशन जियो के डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर का इस्तेमाल करेगा और काम को जल्द से जल्द पूरा करने की कोशिश की जाएगी। सप्लाई चेन सिस्टम को ज्यादा स्मूद बनाया जाएगा, ताकि जल्द से जल्द लोगों को इस बीमारी से सुरक्षित किया जा सके। कोई चिंता न करे.

He, however, seemed to indicate that he did give a personal guarantee to India's largest lender SBI, which has moved the the National Company Law Tribunal (NCLT) to recover Rs 1,200 crore.

In both the cases -- SBI and Chinese banks -- the borrowings have been done by a group company and are not personal, he said.

Speaking at the annual general meeting of group company Reliance Infrastructure (RInfra), Ambani said he had only signed "a power of attorney limited to executing a non-binding letter of comfort to the Chinese banks" when the now-bankrupt RCom borrowed money in 2012.

"The guarantee on the basis of which the claim was made was admittedly not signed by him," a RInfra statement said quoting Ambani, who is the company's chairman.

Ambani, who had to rely on help from elder brother Mukesh Ambani to pay Rs 462 crore to Ericsson last year in a different matter, would be availing legal remedies available in India to contest the claims by the Chinese banks.


नीता अंबानी ने कहा – भारत के गरीब से गरीब तक पहुंचाउंगी कोरोना की वैक्सीन, कोई चिंता न करे



बता दें कि भारत में कोरोना मरीजों की संख्या 10 लाख के पार जा चुकी है, जबकि अबतक इस महामारी से 25 हजार से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है, राहत की बात यह है कि भारत में रिकवरी रेट बहुत बढ़िया है, 60 फीसदी से ज्यादा, मतलब ज्यादातर कोरोना मरीज ठीक होकर घर जा रहे हैं।

An inability to personally deposit a sum of USD 100 million has shut out his defence in the UK courts, the statement added.

"As per the UK Court's order, the final amount owed under the alleged guarantee will be assessed based on the outcome of the RCom insolvency resolution process," the statement quoted Anil Ambani as saying.

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